ब्रेकिंग न्यूज़मध्यप्रदेश

Madhya Pradesh News सूक्ष्म इरीगेशन योजना टेस्टिंग हुई तो पाइप लाइन से निकला पानी योजना फेल

 मामला मध्य प्रदेश जिला शिवपुर भ्रष्टाचारी करप्शन का

ब्यूरो चीफ बृजेश शर्मा श्योपुर मध्य प्रदेश

जिला शिवपुर जल संसाधन विभाग का मामला सामने आया है किसान बोल रहे हैं योजना फेल हो गई किसान ने आरोप लगाया है योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई जिसका कारण रहा पनपता हुआ भ्रष्टाचार करप्शन जल संसाधन विभाग के स्टाफ की कमी होने का कारण भी रहा है उपयंत्री को एसडीओ प्रभार देकर कार्य कराए गए तथा टाइम कीपर को बिना सिविल बिना डिप्लोमा बिना अनुभव उपयंत्री के प्रभार दिए गए उनसे एमबी ग्राफ एमबी भरवाई गई पूरा खेल ग्वालियर हेड ऑफिस मुख्य अभियंता के कार्यकलाप द्वारा चल रहा है वर्तमान में अभी वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं सुनने में आया है वापिस फिर उन्हें ही मुख्य अभियंता ग्वालियर चार्ज पर पुनः वापस लिया जा रहा है उन्हीं के निर्देशों पर कार्य चल रहा है ऐसा शिवपुर जिला डिवीजन कार्यपालन यंत्री का कहना है मेरे यहां से किसी को प्रभारी एसडीओ का कार्य नहीं दिया गया ना प्रभारी उपयंत्री यों का कार्य दिया गया है यह सब ग्वालियर मुख्य अभियंता के यहां से चल रहा है जल संसाधन विभाग उपखंड शिवपुर में एक टाइम कीपर फर्जी दस्तावेजों से कई सालों से विभाग में सेवा कर रहा है अनुकंपा नियुक्ति ताऊ जी की जगह लगा मार्कशीट में पिता का नाम ऐसे लोग उपयंत्री बनकर बैठे हुए हैं तो यह तो करप्शन करेंगे जिले का पूरा जल संसाधन विभाग घोटालेबाज वा करप्शन वाज है सभी उपखंड बड़ौदा उपखंड रोडी उपखंड आंवदा उपखंड क्रमांक-1 शिवपुर उपखंड क्रमांक-2 सोपुर उपखंड आवदा बांध सुरक्षा उप संभाग सभी खंडों में भ्रष्टाचार करप्शन हो रहा है अधिकारियों द्वारा लीपापोती की जा रही है इनसे आरटीआई सूचना के अधिकार के तहत लाकर मांगी जाती है तो यह देने में आनाकानी करते हैं 3 महीने पुरानी आरटीआई आज तक उपलब्ध नहीं कर रहे वह जानते हैं कागजात बाहर आते ही भ्रष्टाचारी में फंस जाएंगे सूक्ष्म परियोजना का परीक्षण तीसरे दिन जल संसाधन विभाग द्वारा जीएम-1 वाह जीएम-2 के द्वारा भाग का परीक्षण किया गया इस दौरान लुंड गांव चंद्रपुरा अजापुरा कोठारी तुलसेफ राम गवडी आदि गांवों में जब टेस्टिंग चल रही थी उसी बीच किशोरपुरा और कुंड हवेली के बीच पाइप लाइन से एकदम पानी निकलने लगा यह देखकर किसान दंग रह गए क्योंकि किसानों के अरमानों पर पानी फिर चुका इसलिए किसान काफी परेशान हो रहे थे इससे खरीफ सीजन में फसलों को पानी की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के चेहरे लटक गए और यह योजना फेल होने को लेकर उन्होंने सोच लिया कि यहां भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया हालांकि योजना के हिस्से में पानी निकला जल संसाधन विभाग के उपयंत्री का कहना है बाल के पास लगी रबड़ के निकलने का नतीजा बताया और कहा कि उसे ठीक कर दिया है जिसके बाद आज के लक्ष्य तक पानी पहुंचते हुए टेस्टिंग की गई बता दें कि चंबल दायिनी मुख्य नहर दायिनी साइड ही पानी दिया जाता है नतीजा हेड पर होने के बाद भी बाएं तरफ के 50 गांव की करीब 15 हेक्टेयर भूमि असिंचित थी इसे सिंचित बनाने के लिए ग्रामीणों ने आंदोलन खड़ा किया जिले में परिणाम यह हुआ चंबल संभाग की पहली सूक्ष्म इरीगेशन योजना के लिए तैयार हुई थी जिसको साल भर पहले शुरू हो जाना था वह आज तक अधूरी पड़ी हुई थी

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button