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Maharashtra News टोक गांव की समस्याएं जानने बिडियो गांव पहुंचे

दूषित पानी के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया

 

रिपोर्टर वहाबअली सैय्यद चंद्रपूर महाराष्ट्र

पीने के पानी के लिए टोक के लोग मानसून के दौरान वेनगांगे नदी के तल से पानी लाने के लिए जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं, इसकी जानकारी मिलते ही पोंभुरना की समूह विकास अधिकारी सुनीता मर्सकोले टोक गांव पहुंचीं। पेयजल की समस्या को लेकर मार्गदर्शन दिया गया। उनसे मिले सुझाव के अनुसार ग्रामीणों ने इसे स्वीकार भी किया। समूह विकास अधिकारी ने टोक गांव का दौरा कर सभी समस्याओं को जाना। पोंभुरना तालुका का आखिरी गांव गंगापुर और टोक, वैनगंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के बीच स्थित है। हालांकि नदी है, लेकिन पीने के पानी के प्रचुर स्रोत नहीं हैं। एक कुआं और एक हैंडपंप है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पानी खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं है। बरसात के दिनों में नदी का पानी पीने से गैस्ट्रो जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं, इस गंभीर बात को समझने के बाद समूह विकास अधिकारी सुनीता मर्सकोले ने गाँव में जाकर ग्रामीणों को दूषित पानी न पीने का निर्देश दिया। करना। टोक की शहरी स्थिति में भी नदी का प्रदूषित पानी पीना गलत है। गाँव में कुओं और हैण्डपम्पों के पीने योग्य पानी का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। गाँव में जल शुद्धिकरण के संबंध में तत्काल उपाय किए जाएंगे। सुनीता मर्सकोले, गट विकास अधिकारी, पंचायत समिति पोंभुरना !

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