Madhya Pradesh News अटल भूजल योजना” में वृहद जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन (अंदाज जुलाई से 15 अगस्त)

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
प्रदेश के 6 जिले छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी ,सागर और दमोह में लोक हितैषी योजना “अटल भूजल योजना” में वृहद जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन (अंदाज जुलाई से 15 अगस्त) किया जा रहा है। इसी कड़ी में छतरपुर जिले के राजनगर, नौगांव एवम छतरपुर विकास खंडों में स्कूली छात्र छात्राओं के माध्यम से योजना की जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वृहद कार्यक्रम अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूलों में छात्र छात्राओं को योजना का परिचय योजना हेतु बैठक की जा रही हैं। स्कूली बच्चों द्वारा जागरूकता रैली घर घर संपर्क, वृक्षारोपण का कार्य, वॉटर फ्लो मीटर की जानकारी एवम प्रदर्शन, वर्षा मापी यंत्र की जानकारी एवम प्रदर्शन, पिजो मीटर की जानकारी एवम प्रदर्शन, वाटर लेवल साउंडर इंडिकेटर जानकारी एवम प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त छात्र छात्राओं द्वारा जल संवर्धन हेतु वाद विवाद प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, गीत/भजन/कविता पाठ ,पानी की बर्बादी रोकने हेतु संक्षिप्त नाटिका का कार्यक्रम आदि कार्यक्रमों आयोजन किया जा रहा है। इसी के साथ वाटर टेस्टिंग किट का प्रदर्शन व जानकारी, दी जा रही हैं। प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय तृतीय स्तर के विजई छात्र-छात्राओं को स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर जन अभियान परिषद के माध्यम से प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया जाएगा। जिले की तीनों विकासखंड की 242 पंचायतों में हर दिन कोई न कोई गतिविधियों का आयोजन किया जाकर लोगों को जल संवर्धन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बहुत ही हर्ष का विषय है कि पिछले दिनों ग्राम पंचायत मातगुआं, विकासखंड छतरपुर , जिला छतरपुर की पंचायत भवन में छतरपुर जिले के “वृक्ष पुरुष ” डॉ राजेश अग्रवाल साहब, ग्राम पंचायत के सरपंच श्री अरविंद बुंदेला के विशेष सहयोग से आज अटल भूजल योजना अंतर्गत वृक्षारोपण हेतु पौध वितरण का कार्यक्रम अयोजित किया गया।
मातगुआँ पंचायत में आज वृक्ष पुरुष डॉक्टर राजेश अग्रवाल साहब के सौजन्य से लगभग 500-600 पौधों का वितरण 50 ग्रामीणों के मध्य किया गया। जिसमें आम, जाम, बास,जामुन ,कटहल ,अंगूर सहजन ,पीपल, नीम, इमली इत्यादि अनेक प्रकार के पौधों का वितरण करते डॉ साहब ने बताया कि पेड़ हमारे जीवन का आधार है। इनसे हमें प्राण वायु मिलती है, रसीले फल मिलते हैं, उपचार है तू जड़ी बूटियों गलती है, और सबसे मुख्य बात यह है कि वृक्ष पर्यावरण से कार्बन डाइऑक्साइड शोषित कर हमें ऑक्सीजन प्रधान करते हैं।
इस अवसर पर अटल भूजल योजना DPMU से IEC EXPERT श्री संदीप सोनी ने बताया कि वृक्ष हमें प्राण वायु के साथ-साथ पर्यावरण को भी शुद्ध रखते हैं। आज बारिश का मौसम होते हुए भी हम बारिश को तरस रहे हैं। इसका मुख्य कारण है ,पेड़ों की अंधाधुन कटाई। हमने ही अपने आप से पर्यावरण को दूषित किया है , अब हमारा कर्तव्य बनता हे कि हम पुनः अधिक से अधिक पेड़ लगाए। जितने ज्यादा पेड़ धरती पर होंगे। धरती हरी-भरी होगी और बारिश अच्छी होगी। पेड़ों की जड़े मिट्टी का कटाव को रोकती है , साथ ही हजारों पक्षियों को आश्रय भी प्रदान करता है। हम पानी के लिए तरस रहे हैं इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण की रक्षा करे और अपने आने वाली भावी पीढ़ी के लिए पानी का भंडार धरोहर के रूप में छोड़ जाए। अटल भूजल योजना अंतर्गत आपके गांव में भूजल स्तर को सुधारने के लिए प्रयास किया जा रहा हैं । जिसके लिए गांव में एक जल सुरक्षा पर प्रबंधन समिति का गठन किया गया है । यह समिति हर सप्ताह बैठक कर गांव में भूजल स्तर कैसे बढ़ाए जाए इस पर विचार विमर्श कर अपनी रिपोर्ट मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार तक पहुंचाती है। हमें पानी बर्बाद नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही खेती में आधुनिक सिंचाई के साधन उपयोग करके पानी की बर्बादी को रोक सकते हैं। ड्रिप, स्प्रिकल आपको सब्सिडी के साथ उपलब्ध हो जाता है, लेकिन प्रयास आपको करना होगा। कम पानी की खपत वाली फसलें लगाएं । इसके साथ फसल चक्र को अपना कर भी उत्पादन बढ़ाए जा सकता है। अटल भूजल योजना की बैठक में भाग लेकर आप पानी बचाने के इस पुण्य कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें। कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 से अधिक महिला पुरुष उपस्थित रहे , कार्यक्रम पूर्णता: सफल रहा। इसी तरह 15 अगस्त तक जल संवर्धन हेतु जन जागरूकता गतिविधियों आयोजन निरंतर किया जाएगा।



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