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Chhattisgarh News स्कूलों एवं स्कूल बसों में अग्निशामक यंत्र नहीं है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा जिला के अधिकांश स्कूलों में गांव शहर देहात के स्कूलों में जाकर देखने से पता चलता है कि अग्निशामक यंत्र नहीं है तथा अशासकीय स्कूलों में भी अग्निशामक यंत्र नहीं है कभी भी किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना हो जाती है अगर तो उसकी बचाव के लिए उन संस्थाओं में अग्निशामक यंत्र ही नहीं है तो कैसे बचाव हो सकती है। इसी तरह से अधिकांश ही स्कूली बसों में अग्निशामक यंत्र नहीं है तथा निरीक्षण करने के बाद यह पता चलता है कि अग्निशामक यंत्र नहीं है तथा पूछने पर यह कहा जाता है कि है मगर हमारे पास में नहीं है बसों का अवलोकन करने के पश्चात यह पाया गया कि अग्निशामक यंत्र ही नहीं लगा है और बस धड़ल्ले से हाई स्पीड में चला रहे हैं वाहन चालक की स्कूली बसों को। यह भी देखा गया है कि अधिकांश स्कूलों में शौचालय बनी हुई है मगर उन शौचालयों की साफ-सफाई तो क्या शौचालय में हमेशा ताला लटकी रहती है राज्य शासन द्वारा अशासकीय शासकीय स्कूलों के शौचालय निर्माण हेतु राशि स्वीकृत की जाती है तथा मरम्मत हेतु राशि भी स्वीकृत की जाती है तब संबंधित अधिकारी द्वारा इस संबंध में गोलमोल जवाब देता है की राज्य शासन के द्वारा हमें फंड नहीं मिला है इसलिए हम शौचालय की साफ-सफाई पर हम ध्यान नहीं देंगे। यह की राज्य शासन द्वारा स्कूलों के प्रति खर्च करने को तैयार रहती है आवंटन दे दी जाती है मगर उन आवंटन राशियों का सही सदुपयोग नहीं किया जाता । इसी तरह से छत्तीसगढ़ राज्य में जितनी भी निजी बस संचालित है उन बसमें अग्निशामक यंत्र ही नहीं लगा रहता है कभी भी किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घट जाती है उसके बाद में बस मालिक द्वारा अफसोस जाहिर करता है कि हां मैंने नहीं लगाया था। देश के कई राज्यों कई जिलों में संचालित बसों में आगजनी हो गई थी जिसकी वजह मात्र अग्निशामक यंत्र सुरक्षा उपकरण नहीं था जिसके कारण आगजनी हो गया था तथा बस मालिकों द्वारा कंपटीशन किया जाता है और बसों में ओवरलोड सवारी लेकर भी परिवहन किया जाता है जिसकी वजह से बस की अंदर की वातानुकूलित क्षमता कम हो जाती है जिसकी वजह से भी अग्नि के शिकार हो जाती है बसें। स्कूल बस तो छोड़ दो जितनी छोटी टैक्सी हैं जिन पर स्कूली बच्चों का परिवहन किया जाता है उन वाहनों में भी अग्निशामक यंत्र नहीं रहता है जिससे कभी भी किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घट जाने की संभावना बनी रहेगी। परिवहन विभाग द्वारा जब जांच पड़ताल की जाती है तो मामूली चालान काट कर छोड़ दिया जाता है बस मालिकों को एवं वाहन मालिकों को मगर परिवहन विभाग द्वारा सघन चेकिंग किया जाए तो हर गाड़ी में अग्निशामक यंत्र की करण नहीं रहती है।
परिवहन विभाग इस संबंध में विशेष ध्यान दें की स्कूली बसों के अतिरिक्त अन्य बसों पर ही अग्निशामक यंत्र की होने की अनिवार्यता को बरकरार रखें अगर जो गाड़ी वाला वाहन मालिक अग्निशामक यंत्र नहीं रखता है तो उसकी परिवहन को परमिट को तत्काल प्रभाव से निलंबित करें और निलंबन करते ही न्यायालय में चालान पेश करें।

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