Punjab News भूमिगत बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन जल का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी: मुख्य कृषि अधिकारी धान की सीधी बुआई को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की टीमों ने गांवों का दौरा किया।

रिपोर्टर कुलभूषण वर्मा फतेहगढ़ साहिब पंजाब
भूजल बचाने के लिए धान की सीधी बुआई को बढ़ावा देने की पंजाब सरकार की मुहिम के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीमों ने सरहिंद ब्लॉक के नलीना कलां, नलीना खुर्द, नलिनी, मुलेपुर और जखवाली गांवों का दौरा किया और किसानों को प्रयाप्त जानकारी दी। तथा धान की सीधी बुआई के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली 1500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि वारे मे भी जानकारी दी । इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. कुलविंदर सिंह ने बताया कि धान की सीधी बिजाई का मुख्य उद्देश्य पानी का संयमित प्रयोग करके भूमि को बंजर होने से बचाना है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि धरती के नीचे अमूल्य प्राकृतिक संसाधन जल का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए सरकार द्वारा चलाये गऐ इस अभियान में हम सभी को बढ़-चढ़कर योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर उप परियोजना निदेशक आत्मा हरमनजीत सिंह ने कहा कि धान की सीधी बुआई आज की सबसे बड़ी जरूरत है और जिले के कई किसान धान की सीधी बुआई करके भूजल बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव नलीना कलां के प्रगतिशील किसान जगपाल सिंह पिछले 4-5 वर्षों से अपने 13.5 एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई कर रहे हैं और यह किसान धान की पराली को आग नहीं लगाते हैं। जिससे यह अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है. श्री हरमनजीत सिंह ने कहा कि धान की सीधी बुआई का रकबा बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार वर्ष 2023-24 के दौरान सीधी बुआई करने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान कृषि विभाग के पोर्टल agrimachinerypb.com पर आवेदन कर इसका लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर आवेदन करने के लिए किसान को अपनी जमीन का खेवट नंबर, खसरा नंबर और सीधी बुआई के नक्शे की तस्वीर साझा करनी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि किसान 25 जून तक इस पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इस अवसर पर आत्मा के उप परियोजना निदेशक जतिंदर सिंह ने कहा कि धान की सीधी बुआई से भूमिगत जल की बचत होती है और मजदूरी की लागत भी कम होती है. उन्होंने किसानों से धान की सीधी बुआई करने तथा फसल विविधिकरण अपनाने का आग्रह किया ताकि प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जा सके। उन्होंने किसानों को खाद के उचित उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। धान की सीधी बुआई के लिए किसानों को जागरूक करते कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी।

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