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Madhya Pradesh News क्या प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की नींद उड़ाई है यादव परिवार ने

क्यों यादव परिवार के अरुण यादव और सचिन यादव के इतने करीब ही बन रहे हैं प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान

रिपोर्टर जाहिद अजमेरी आर खरगोन मध्य प्रदेश

क्यों प्रदेश के मुखिया को खरगोन जिले में बार-बार आकर इतनी आम सभाएं करनी पड़ रही है क्या खरगोन जिले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव एवं पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहानकी नींद उडाई जिसको लेकर प्रदेश के मुखिया खरगोन जिले का बार-बार दौरा कर रहे हैं 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को उन्हीं की विधानसभा बुधनी में चुनौती दी थी जिसको लेकर प्रदेश में एक भय का माहौल बना था अरुण यादव बुधनी विधानसभा चुनाव हार गए हो पर मध्य प्रदेश पर जीत हासिल की थी आइए देखते हैं 2023 के विधानसभा चुनाव मैं कसरावद विधानसभा क्षेत्र में किसके सर पर सजेगा विधायक का ताज निमाड़ के खरगोन जिले में कौन आगे निमाड़ के खरगोन जिले की कुल 6 विधानसभा सीटों में 2018 में कांग्रेस को 6 सीटों पर जीत मीली थी तो वही बीजेपी को खरगोन जिले 6 की 6सीटों पर हार मिली थी! हालांकि भाजपा के मध्यप्रदेश अध्यक्ष व खंडवा सांसद नंदकुमार चौहान के निधन के बाद खंडवा लोकसभा के उप चुनाव के दोरान बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के विधायक सचिन बिरला ने कांग्रेस हाथ छोड़ कर भाजपा का दामन थाम लीया था!जिस के बाद खरगोन जिले में भाजपा का आंकड़ा 0 से बढ़ के 1 हो गया वहीं कांग्रेस के 6 से घटकर 5 पर आ गई! मौजूदा राजनीति की बात करें तो खरगोन जिले की 6 विधानसभा जहां महेश्वर, बड़वाह, भिकनगाव,भगवानपुरा, कसरावद से लेकर खरगोन जैसे शहर आते हैं! यहां इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है! खरगोन लोक सभा चुनाव के दौरान भाजपा को जीत मिली थी मगर उसकी लीट 2013 में दो लाख से ज्यादा थी जो उससे घटकर 80 – 85 हजार तक रह गई! फिलहाल की जमीनी स्थिति की बात करें तो खरगोन जिले की 6 में से 4 विधानसभा सीटों पर भाजपा की विकास यात्रा का जमकर विरोध हुआ! राजनीति तौर पर कांग्रेसियों के लिए यह अच्छा मौका है! हालांकि अंदरूनी गुटबाजी भी बड़ी चुनौती है

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