Madhya Pradesh News शहर की छठी कमल कॉलोनी में रहने वाली एक 4 वर्षीय बालिका की मौत

रिपोर्टर आशिक अली उज्जैन मध्य प्रदेश
उज्जैन अपने पीछे कई सवाल खड़े कर गई हम आखिर किस समाज में जी रहे हैं आधुनिकता के इस नंगी दौड़ में मेहमान अपनों की धीरे-धीरे दूर किया हो बाहरी लोग हमें अपने नजर आने इस घटना में भी ऐसा ही हुआ है आखिर एक मासूम बालिका पर पड़ोस का रहने वाला युवक अजय बुरी नजर रखता था घर ले गया और अपने मकसद में कामयाब नहीं हुआ तो मौत के घाट उतार दिया बड़ी बात तो यह है कि मौत शेर एक लेकर लाश ठिकाने तक की कहानी में आरोपी युवक की बहन और मां सहयोगी की भूमिका में रहे साथ ही बहन रानू का बॉयफ्रेंड विक्की भी साक्षी छुपाने में आरोपी के साथ शामिल रहा आज हमने उज्जैन की राजनंदनी को हो दिया पहले भी कई मासूम बच्चियां दरिंदों की हवस का शिकार हुई है और मौत के घाट उतार दी गई गई उज्जैन ही नहीं देश परदेश में भी अलग-अलग जगह पर आए दिन इस प्रकार की नवजात बच्चों को लेकर 5 से 7 साल तक की मासूम बालिकाओं के साथ दुष्कर्म आदि की घटना ए सामने आती रही है बच्ची भी घर के बाहर खेल रही थी और पड़ोसी युवक लालच देकर अपने घर ले गया और मौत के रूप में यह लापरवाही सामने आई आधुनिकता वही तब ठीक है जब आरोपी जिम्मेदारी यो को उठाने में सक्षम हो पहले परिवार में काका बाबा दादा दादी अन्य रिश्तेदार हुआ करते थे जो बच्चों खेल कर पूरे परिवार के लिए सुरक्षा कवच के रूप में होते थे इन मॉडल बनने की दौड़ में यह सब कहीं तो यही बात मन में खटकती है कि आरोपी हमारे पड़ोस के शहर इंदौर में भी ऐसी घटना हो चुकी है

लगभग 90 परसेंट मामले में कोई आस पड़ोसी ही दूर पास का रिश्तेदार ही दुष्कर्म का आरोपी निकलता परंतु आधुनिकता का चोला ओढ़ के घूम रहे समाज में इनके संचालन में भंवरों की तरह दौड़ता रहता है रहा सवाल घर में रहने वालों का तो आधुनिकता परिवार को मोबाइल से फुर्सत नहीं बच्चे कहां भटक रहे हैं यह होश नहीं यह पड़ोसी निकला दूर का रिश्तेदार था वह तो सालों से घर में आने जाना था ऐसा कैसे कर गया आधी बातें होती है समय के साथ भूल जाते हैं और फिर कोई नई घटना घटित होती है पर हम सबक नहीं लेते परंतु हमारी संस्कृति परंपराएं आदि का अपने आप मैं बहुत महत्व रहा है और रहेगा हादसों में एक काम सब देखे जाते हैं कि हमने की बात है सावधान रहें सुरक्षित रहें हमारा परिवार है पर मिक नैतिक जिम्मेदारी भी हमारी बनती है सारी ठेकेदारी पुलिस कि नहीं आज भी उक्त प्रकरण में क्या हुआ है गुमशुदगी दर्ज कराई पुलिस सर्चिंग की गुमशुदा की दर्ज कराई लाश मिली आरोपी पकड़े गए केस चलेगा पर क्या हम सब भी सबक लेंगे बच्चे मोहल्ले में जरूर खेलने जाते हैं परंतु क्या हम अपनी आंखों से क्षण भर के लिए भी नहीं होने देंगे नहीं तो बच्चे घर तक ही ठीक है यह स्थिति छोटी बच्ची की नहीं छोटे बच्चों के साथ भी कई मौके पर हमने घटना ए सुनी है सावधानी ही एकमात्र बचाओ आगे आप हम समझदार है फूलों से जख्म खाए हैं कांटो से तो सदैव संचित है अर्थात आज पड़ोसी दूर रिश्तेदार इन सब से संबंध होना अच्छी बात है देशभर में समय-समय पर तमाम घटनाएं यही संदेश दे रही है कि कई बार हमने यह भी सुना है कि उसने तो गोद में खिलाया है यह सब बातें सिर्फ कहने तक ही ठीक है किस के मन में कब क्या आ जाए यह वह खुद भी नहीं जानता


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