Haryana News ग्वार के जड़ गलन रोग की सफल रोकथाम संभव : आरके सैनी

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाणा
नारनौल 22 मई। हरियाणा के रेतीले इलाकों में ग्वार का जड़ गलन रोग एक बड़ी समस्या है। यह रोग एक फंगस के कारण होता है जो जमीन में रहती है।यह विचार चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से सेवानिवृत्त वरिष्ठ कीट वैज्ञानिक डा. आरके सैनी ने आज कोरियावास में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा हिंदुस्तान गम एंड केमिकल भिवानी द्वारा आयोजित शिविर में व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि यह रोग एक फंगस के कारण होता है जो जमीन में रहती है जैसे ही पौधे उगने लगते हैं यह उनकी जड़ों पर आक्रमण कर उन्हें जला देती है। भूमि से पानी व खुराक की आपूर्ति बाधित होने से पौधे पीले पड़कर सूखने लगते हैं। किसी-किसी वर्ष तो लगभग आधा खेत ही खाली हो जाता है तथा दोबारा बिजाई की नौबत आ जाती है परंतु कार्बडाइजिम 50 प्रतिशत नामक दवाई द्वारा बीज की उपचारित करें बोने से इस रोग के प्रकोप से 90 प्रतिशत तक छुटकारा मिल जाता है। उन्होंने बीज उपचार के लिए 3 ग्राम दवा प्रति किलो बीज की दर से सूखा उपचार करने की सिफारिश की। इस मौके पर कृषि विकास अधिकारी डॉ सुमित कुमार यादव ने किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों जैसे ग्वार, नरमा, मूंग बाजरा आदि का भरपूर उत्पादन लेने के लिए जरूरी टिप्स दी तथा किसानों से अनुरोध किया कि वे सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक रहकर लाभ उठाएं। शिविर में बीज उपचार की दवाई के सैंपल, रबड़ के दस्ताने तथा साहित्य वितरित किए तथा किसानों के उत्थान के लिए ड्रा भी निकाले गए। डॉ सुमित यादव ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर कृषि विभाग से प्रवीण कुमार, कृषि सुपरवाइजर गांव के सरपंच प्रतिनिधि निहाल सिंह, राजाराम, बाबूलाल, संत लाल, राकेश और अन्य गांवों से किसान मौजूद थे।



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