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Haryana News हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद्, चण्डीगढ की जिला शाखा नारनौल द्धारा आजादी की 75वीं वर्षगांठ

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाणा
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद्, चण्डीगढ की जिला शाखा नारनौल द्धारा आजादी की 75वीं वर्षगांठ आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मोनिका गुप्ता उपायुक्त एवं अध्यक्षा, जिला बाल कल्याण परिषद् नारनौल के मार्गदर्शन में आज को एम0एस0ए0डी0 पब्ल्कि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारनौल में बच्चों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल के सभी विद्यार्थी एवं अध्यापको को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता योजना के नोडल अधिकारी एवं सेवानिवृत जिला बाल कल्याण अधिकारी विपिन शर्मा ने बताया कि आज व्यक्ति एवं समाज में साम्प्रदायिक्ता, जातीयता भाषावाद्, हिंसा, अलगाववाद की संकीर्ण भावनाओं व समस्याओ के मूल में नैतिक मूल्यों का पतन ही उत्तरदायी कारण है। वास्तव में नैतिक गुणो की कोई सूची नही बनाई जा सकती परन्तु हम इतना अवश्य कह सकते है कि मनुष्य में अच्छे गुणो को हम नैतिक कह सकते है जो व्यक्ति के स्वयं के विकास और कल्याण के साथ दूसरो के कल्याण में भी सहायक हो। नैतिक मूल्यों का समावेश जीवन के सभी क्षेत्रो में होता है। व्यक्ति परिवार, समुदाय, समाज, राष्ट्र से मानवता तक नैतिक मूल्यों की यात्रा होती है। नैतिकता समाज में सामाजिक जीवन को सुगम बनाती है। मानव को सामाजिक प्राणी होने के नाते कुछ सामाजिक नितियो का पालन करना पड़ता है जिनमें संस्कार, सत्य, परोपकार, अहिंसा आदि शामिल है। वास्तव में ये सभी नैतिक गुणों में आते है और बच्चों को इन्हें बचपन से ही धारण कर लेना चाहिए ताकि अच्छे परिवार, समाज, राष्ट्र का निर्माण हो सकें। उन्होंने बच्चों को उच्च श्रेणी की शिक्षा प्राप्त करने के साथ-2 नैतिक मूल्यों की शिक्षा को भी अवधारण करने के लिए प्रेरित किया तथा अपने बुजुर्गो, अध्यापको व अपने सभी सगे-सम्बन्धियों का आदर करने की अपील की तथा उनसे अनुरोध किया कि वे अपने जीवन में कामयाब इन्सान के साथ-2 एक अच्छे इन्सान बनें अच्छे भारत के निर्माण में वे अपना योगदान दे सकें। उन्होनें बच्चों से खासकर अपील की कि वे अपने दादा-दादी के साथ समय अवश्य बिताए तथा उनका अनुभव का लाभ उठाकर अपने जीवन को सफल बनाए। उन्होंने कहा कि विरोध जरूरी है, हर किसी का जिससे समाज की सभ्यता व संस्कृति आहत होती है, चाहे वो फिल्म हो, व्यापार हो, सरकार हो, मित्र हो, परिवार हो या समाज हों। हम सबका अपने राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बनता है कि उसके विकास व उन्नति के लिए अपनी सभ्यता व संस्कृति का पालन करें एवं सभी बच्चों को इनसे जागरूक रखें। अन्त में उन्होंने सभी बच्चों से अनुरोध किया कि वे हमेशा अच्छा सोचे, अच्छा बोले, अच्छा व्यवहार करें और अच्छे कार्य करें क्योंकि प्रकृति का यह नियम हैं, जैसा हम किसी को देगें वो सब वापिस लौटकर हमारे पास आता है। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शंकराचार्य ने नैतिक मूल्यों पर अपने विचार रखे और बच्चों से अपील की कि वे बताई गई सभी बातो को अपने जीवन में व्यवहारिक रूप से लागू करें तथा अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के साथ-2 अच्छे नागरिक भी बने। उन्होंने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलवाया कि वे अपने विद्यालय के बच्चों को प्रतिदिन नैतिक मूल्यों की शिक्षा से अवगत करके जागरूक करते रहेगें। इस अवसर पर बाल भवन नारनौल से सुरेन्द्र शर्मा तीरन्दाजी कोच बाल भवन नारनौल तथा उप-प्राचार्य श्री राजेश कुमार, प्रवक्ता श्री परमजीत सिंह, प्रवक्ता श्री हरिमोहन, प्रवक्ता श्री देशपाल, प्रवक्ता श्रीमती सरला देवी व अन्य सभी अध्यापकगण व स्कूली बच्चें उपस्थित रहें।



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