
रिपोर्टर विवेक तिवारी वैशाली बिहार
जातीय गणना में लगे शिक्षको को स्कूल में अपनी हाजिरी लगानी होगी।हालांकि शिक्षको को यह सुविधा दी गई है कि सुबह 6:30 से दिन के 11:30 तक कभी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते है। बता दे कि जाति आधारित गणना का दूसरा चरण 15 अप्रैल से शुरू हुआ है। जिसमे सरकारी स्कूल के शिक्षको की भी सेवा ली जा रही हैं। जिसमे पहले चरण की गणना में गत 11 जनवरी के निर्देश के अनुरूप दूसरे चरण में सामिल शिक्षक अपनी सुविधानुसार पूर्वाहन 6:30 से दिन के 11:30 बजे तक की अवधि में कभी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
यह भी तय हुआ था कि शिक्षकों की कमी होने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक उच्च वर्ग के छात्र–छात्राओं से निम्न वर्ग का संचालन करा सकते हैं। लेकिन विद्यालय के प्रधानाध्यापक यह नहीं समझ रहे हैं। जातीय गणना में लगे शिक्षको का कहना हैं विद्यालय के प्रधानाध्यापक यह नहीं समझ रहे हैं, 11:30 में जब स्कूल की छुट्टी हो जाती है तब शिक्षको की जातीय गणना में जाने दिया जाता हैं 11:30 के बाद झकझोर देने वाली धूप सीधे सर पर लगती हैं की बार तो धूप की वजह से चक्कर भी आ जाती है। और इधर उधर गिर जाते है। ऐसे में अगर बस्ती आदि में ऐसा होता है तो लोग पानी–ग्लूकोज की पिला दिया करते है लेकिन कही एकांत स्थान में अगर गर्मी से बेहोश आदि हो जाते हैं तो कोई देखने वाला नही होता है। लेकिन इन सब समस्याओं को प्रधानाध्यापक नही समझते हैं वे तो सीधे कहते है सरकार आपको 10–10 हजार किस लिए दे रही है। ऐसे में आप पैसा भी देखिए गा और अपनी जान भी तो यह कैसे चल सकता है।


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