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खबर का दिखा असर दिन में छूट रात में लूट गांव,कस्बे में दिन में नहीं खुलती कोई दुकाने रात को धड़ल्ले से बेची जा रही खाद

रिपोर्टर एहतेशाम खान फतेहपुर, उत्तर प्रदेश

बाजारों में लूटा जा रहा किसान नही मिली कोई राहत सहकारी समितियों में खाद लगभग खत्म, प्राइवेट दुकानों में रात में लूटा जा रहा किसान अधिकारी मौन जिले के अधिकारियों के कमाऊ अड्डा बने प्राइवेट उर्वरक लाइसेंस धारक 950 की खाद को 1400 रुपए में डी.ए.पी. बनाकर बेंचा। शिकायत करने पर मिली धमकी।थरियाँव बना मिलावटखोरों का अड्डा।

कार्यवाही के नाम पर वसूली हस्वा विकासखंड के संपूर्ण क्षेत्रफल में दस समितियों के माध्यम से किसानों को उर्वरक आपूर्ति हेतु चिन्हित किया गया है।

साधन सहकारी समिति सीतापुर, मुराँव टेक्सारी बुजुर्ग, सातो जोगा, छिछनी, बहरामपुर, नरैनी ,अन्दौली, साधन सहकारी समिति सरकी सहित समितियों से किसानों को सस्ते सरकारी दामों पर खाद ,बीज उपलब्ध कराई जा रही है।

ड़ी. ए . पी के दाम बढ़ जाने से समिती में कभी डी.ए.पी. है तो यूरिया नहीं तो कभी यूरिया है तो डी.ए.पी .नहीं। जहां एक तरफ सहकारी समितियों में खाद ना के बराबर बची है वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट दुकानदारों की बल्ले-बल्ले है।

जांच के नाम पर कृषि अधिकारी प्राइवेट दुकानदारों से मोटी रकम इकट्ठा करके माला- माल हो रहे हैं तो दूसरी तरफ किसान प्राईवेट दुकानदारो के मिलावटखोरों का शिकार हो रहे हैं। सहकारी समितियों में दिनभर किसान लाइन में लगकर एक आधार कार्ड पर 3 बोरी डी.ए.पी. पाने के लिए सुबह से शाम तक अपने बारी का इंतजार करता है तो वहीं प्राइवेट दुकानदार 1450 से 1500 रुपए प्रति बोरी डी.ए.पी. बेच रहे है सरकारी और प्राइवेट के मूल्य सामान तो प्राइवेट दुकानदारों मे लूट क्यों अधिकारियों की मिलीभगत व अभय दान प्राप्त है।

समितियों में खाद समाप्त होते ही प्राइवेट दुकानदार अपने मनमाने रेट पर बिक्री करना प्रारंभ हो जाते हैं और किसान इनकी लूट का शिकार होता रहता है गेहूं की बुवाई प्रारंभ होते ही मिलावट खोर सक्रिय, कहां सोए जिला कृषि अधिकारी गेहूं की बुवाई प्रारंभ होते ही मिलावट खोर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं पिछले वर्ष राधा नगर में प्रशासन द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई जिस पर मिलावट खोर निष्क्रिय हो गए थे लेकिन बड़े मुनाफे के चक्कर में पुनः मिलावट खोर नए आयाम तरीके से सकिय होते नजर आ रहे है।

डी.ए.पी. की बोरी में अन्य प्रकार की खाद भर के मिलावट करते हुए ऊंचे दामों पर बेचना और मुनाफा कमाना मिलावटखोरों का पेसा हो गया है। जांच के नाम पर अधिकारी इन मिलावट खोरों से मोटी रकम ऐठते हुए अभय दान देते नजर आते हैं।

कार्यवाही के नाम पर जिले के अधिकारी खानापूर्ति करते नजर आते हैं और किसान इन मिलावटखोरों का शिकार होता सब कुछ दिखता है किंतु कार्यवाही से सभी बचते नजर आ रहे हैं। हस्वा, बिलंदा, फतेहपुर, थरियाँव ,नरैनी सहित अनेकों स्थानों पर मिलावट खोर अड्डा जमाए हुए हैं। आखिर इन मिलावटखोरों पर अब प्रशासन का डंडा चलेगा या यूं ही किसान लुटता दिखेगा भारतपुर के किसान को पकड़ा दी नकली खाद अब मिल रही धमकी जिला कृषि अधिकारी भले ही सहकारी समितियों में कार्यवाही की बात कर रहे हो किंतु यही कार्यवाही प्राइवेट दुकानदारों पर आशीर्वाद साबित हो रही है।

भरतपुर निवासी किसान गेहूं की बुवाई हेतु थरियाँव कस्बे की दुकान से डी.ए.पी. खाद की मांग की थी जिस पर दुकानदार ने 950 प्रिन्ट की नकली डी. ए. पी. खाद देते हुए ₹1400 ले लिया। बोरी को रास्ते में ले जाता देख किसानों ने आपस में बातचीत करना प्रारंभ किया तो किसान अतुल कुमार पुत्र ओमप्रकाश निवासी – भारतपुर ने दुकानदार के पास नकली खाद की बात की तो उसके साथ अभद्रता से पेश आते नजर आए। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

जिला कृषि अधिकारी उपरोक्त दुकानदार के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे या यूं ही क्षेत्रीय किसानों को लुटने पर मजबूर होना पड़ेगा

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