Madhya Pradesh News : बक्सवाहा में शून्य प्रगति पर तहसीलदार का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश, खराब प्रगति वाले तहसीलदारों को नोटिस
17 सितंबर से शुरू होगा स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
कलेक्टर मृणाल मीना ने शुक्रवार को स्वामित्व योजना अंतर्गत भू-स्वामियों की लंबित ई-केवायसी रिपोर्ट की तहसीलवार वर्चुअली माध्यम से कलेक्ट्रेट कक्ष से समीक्षा की। स्वामित्व योजना के तहत भू-स्वामियों की ई-केवायसी अत्याधिक लंबित होने पर कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बक्सवाहा तहसील में ई-केवायसी की शून्य प्रगति पाए जाने पर कलेक्टर ने तहसीलदार का एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। वहीं खराब प्रगति वाले अन्य तहसीलदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में जिले के समस्त एसडीएम एवं तहसीलदार वर्चुअली जुड़े रहे। एडीएम विनय द्विवेदी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अभियान से पहले ई-केवायसी में लाएं तेजी
मध्यप्रदेश शासन द्वारा 17 सितंबर 2026 से ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के दौरान स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों के लिए तैयार किए गए अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क निष्पादन एवं पंजीयन किया जाएगा।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान प्रारंभ होने से पहले लंबित ई-केवायसी को प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाए। इसके लिए पटवारी, सर्वेयर, पंचायत सचिव एवं जीआरएस के माध्यम से प्रभावी ढंग से कार्य कराते हुए प्रतिदिन प्रगति बढ़ाई जाए। तकनीकी समस्या आने पर तकनीकी टीम का सहयोग लेकर ई-केवायसी पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
अधिकार अभिलेख में ‘म.प्र. शासन’ दर्ज होने पर भी जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान भू-स्वामियों के अधिकार अभिलेखों में वास्तविक भू-स्वामी के स्थान पर ‘म.प्र. शासन’ दर्ज होने के मामलों पर भी कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पटवारी अथवा सर्वेयर की लापरवाही से इस प्रकार की त्रुटि पाए करने पर संबंधित एसडीएम कार्रवाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बी-121 के प्रकरण तैयार करने तथा नाम संबंधी किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए एसडीएम एवं तहसीलदारों को अभिलेखों की गहन जांच एवं निगरानी करने के निर्देश दिए।
अभियान में एक पटवारी एक दिन में करेगा 50 रजिस्ट्री
कलेक्टर ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एक पटवारी एक दिन में 50 रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण करेगा। इसके बाद एकत्रित रजिस्ट्रियों का उप पंजीयक द्वारा डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) किया जाएगा। उन्होंने एडीएम एवं एसडीएम को अभियान के छह दिनों की माइक्रो प्लानिंग तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उप पंजीयक के रूप में कार्य करने वाले पीसीओ एवं एडीईओ सहित संबंधित स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए।

अभियान स्थल पर बिजली, इंटरनेट और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें
कलेक्टर ने कहा कि अभियान के दौरान पटवारी एवं संबंधित टीम के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान सहित बिजली, इंटरनेट, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि पंजीयन कार्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो और भू-स्वामियों को अभियान का लाभ आसानी से मिल सके।
अभियान में एग्रीस्टैक पर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य करने निर्देश
कलेक्टर ने अभियान में किसानों की एग्रीस्टैक पर फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की भी प्रभावी प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य एसएडीओ के माध्यम से समन्वय कर पूर्ण कराया जाए, जिससे पात्र किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा हो।
पटवारी निष्पादन अधिकारी, तहसीलदार-नायब तहसीलदार उप पंजीयक
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान के तहत पटवारी को निष्पादन अधिकारी तथा तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को उप पंजीयक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अभियान की गंभीरता को देखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।




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