Chhattisgarh News : कोरबा में आत्महत्या के एक चर्चित मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
मृतिका द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट, आत्महत्या से पहले भेजे गए वीडियो और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करते हुए बहू और उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।जानकारी के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को लक्ष्मी बाई मानिकपुरी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद थाना कोतवाली कोरबा में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान घटनास्थल की दीवार पर मृतिका द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी बहू पूर्णिमा और उसके मायके पक्ष के लोगों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख किया था। पुलिस जांच में यह भी पुष्टि हुई कि दीवार पर लिखा गया लेख मृतिका का ही था।

मामले की जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आत्महत्या से पहले मृतिका ने अपनी बहनों को एक वीडियो बनाकर भेजा था। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर पंचनामा तैयार किया और मृतिका की बहनों, परिजनों तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।जांच और परिजनों के कथनों से पता चला कि मृतिका के पहले पति की मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद उसने दूसरी शादी की थी। वह अपने वर्तमान पति और उसके पूर्व विवाह से हुए बच्चों के साथ रह रही थी। पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर घर में अक्सर विवाद और झगड़े होते थे। परिजनों के अनुसार, बहू पूर्णिमा और उसके मायके पक्ष के लोग अक्सर घर आकर मृतिका पर घर छोड़ने का दबाव बनाते थे, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहती थी।

मृतिका की बहनों और परिजनों ने यह भी बताया कि वह पहले भी इसी प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी और जहर सेवन कर अपनी जान देने की कोशिश कर चुकी थी।मर्ग जांच के दौरान प्राप्त सुसाइड नोट, आत्महत्या से पूर्व भेजे गए वीडियो, परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 724/2026 के तहत धारा 108 एवं 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पूर्णिमा महंत (24 वर्ष), निवासी लक्ष्मण तालाब कोरबा, सुमेरन बाई (45 वर्ष) और मिलन दास (55 वर्ष), निवासी सोहागपुर थाना उरगा को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।



Subscribe to my channel