Madya Pradesh News : शासन का आदेश रद्दी, सरपंच का रवैया लापरवाह: खुले कुएं में गिरी गाय, SDRF ने बचाई जान’
जिलाधीश के सख्त निर्देश ताक पर | फोन पर गोल-मोल जवाब, मौके पर नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि |

जूनियर रिपोर्टर ऋषि मोहन शिवहरे भिंड म.प्र.
भिण्ड। शासन और जिलाधीश का सख्त आदेश: सभी खुले बोरवेल-कुएं बंद करो, हादसे रोकने के लिए घेराबंदी करो। ग्राम पंचायत मछंड का जवाब: आदेश जाए भाड़ में। खुले कुएं रहेंगे, हादसे होते रहेंगे। नतीजा: बस स्टैंड पर खुले कुएं में गिरी आवारा गाय। जान बचाने SDRF को आना पड़ा। मामला: मछंड, रौन जनपद स्थान: आदित्य बौहरे के मकान के सामने, बस स्टैंड। घटना: एक आवारा गाय खुले कुएं में जा गिरी। चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग एकत्रित हो गए। सरपंच पुत्र राजू भदौरिया जबकि पूरा पंचायत का कार्य सरपंच के पुत्र ही देखते हैं और करवा ते है। उसी के चलते लोगों ने लगाई गुहार । आदित्य बौहरे ने सरपंच पुत्र राजू भदौरिया को फोन किया। जवाब: गोल-मोल। गाय बचाने में कोई दिलचस्पी नहीं। पंचायत की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। 112 ने बचाई जान, पंचायत सोती रही जब पंचायत ने हाथ खड़े कर दिए तो आदित्य बौहरे ने 112 डायल की। SDRF प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह यादव मय टीम मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाला।
गांव वालों ने SDRF टीम का आभार जताया। लेकिन बड़ा सवाल जिसके लिए वोट दिया, वो फोन पर पल्ला झाड़ रहा। और बचाने सरकारी टीम आई? शासन के आदेश vs पंचायत की लापरवाही जिलाधीश महोदय ने खुले कुएं-बोरवेल को लेकर सख्त निर्देश दिए थे। कारण: प्रदेश भर में खुले कुएं में गिरने से आए दिन घटनाएं। कई बार इंसान की जान गई। लेकिन मछंड ग्राम पंचायत में आज भी कुएं खुले पड़े। सरपंच नतमस्तक नहीं, बेपरवाह। जनता का गुस्सा: ‘कुर्सी की लाज नहीं, जान की परवाह नहीं’ ग्रामीण: सरपंच के बेटे को फोन किया तो बहाने। गाय मर जाती तो कौन जिम्मेदार? कल कोई बच्चा गिर गया तो? शासन आदेश निकालता है, पंचायत उसे कचरे में फेंक देती। यही है ग्राम स्वराज?

मांग: लापरवाही पर FIR और निलंबन
1. मछंड सरपंच पर शासनादेश की अवहेलना में FIR हो
2. राजू भदौरिया के गैर-जिम्मेदार रवैये की जांच हो
3. पूरे जिले में 72 घंटे में सभी खुले कुएं बंद/घेराबंदी हो
4. कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा मौके पर आकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करें
SDRF प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह यादव और टीम को सलाम। पर सवाल: पंचायत का काम SDRF क्यों करे?
1. जिलाधीश का आदेश ताक पर: मछंड में खुले कुएं में गिरी गाय
2. सरपंच पुत्र ने फोन पर पल्ला झाड़ा, SDRF ने बचाई जान
3. शासन कहे बंद करो, पंचायत कहे रहने दो
4. बस स्टैंड पर मौत का कुआं: कोई घेराबंदी नहीं
5. 112 ने बचाया, सरपंच ने मुंह मोड़ा
6. खुले कुएं = पंचायत की लापरवाही का सबूत
7. गाय गिरी तो हड़कंप, बच्चा गिरता तो?
8. राजू भदौरिया: जिम्मेदारी से फरार
9. SDRF को सलाम, पंचायत को शर्म
10. शासन के सख्त निर्देश, पंचायत का सख्त रवैया
11. रौन जनपद में नियम कागज, हादसे हकीकत
12. कलेक्टर मीणा कब देखेंगे ये खुले कुएं
13. वोट मांगने आते, जिम्मेदारी से भागते
14. एक गाय बची, अगला नंबर किसका
15. अवहेलना पर कार्रवाई कब: CM मोहन सरकार जवाब दो
संपादकीय: कुएं बंद करने के लिए किसी की मौत का इंतजार है क्या? जब SDRF जान बचा सकती है तो सरपंच जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा सकते?

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