Uttar Pradesh News : 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन बनी मौत का कारण, करंट लगने से 5 बंदरों की दर्दनाक मौत
दो बंदर गंभीर रूप से घायल, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप घटना के बाद गांव में आक्रोश, घायल वन्यजीवों के उपचार और जांच की उठी मांग
रिपोर्टर शत्रुघन फ़तेहपुर उत्तर प्रदेश
फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)। जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के नरैनी गांव में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से पांच बंदरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समय पर राहत और बचाव कार्य न होने का भी आरोप लगाया है। फतेहपुर। नरैनी गांव में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बंदरों का एक झुंड 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से मौके पर ही पांच बंदरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली।

ग्रामीणों ने मांग की कि मृत बंदरों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जाए तथा घायल बंदरों का तत्काल उपचार कराया जाए। साथ ही उन्होंने बिजली विभाग से हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं और वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में बिजली लाइनों का नियमित निरीक्षण हो, तो ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सकता है। फिलहाल घटना की सूचना संबंधित विभागों को दे दी गई है और ग्रामीण प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की ही नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। बिजली के खुले और असुरक्षित ढांचों से न केवल मानव जीवन बल्कि वन्यजीव भी लगातार खतरे में रहते हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस घटना की जांच कर भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।
इंडियन क्राइम न्यूज़ बिजली विभाग, वन विभाग एवं जिला प्रशासन से अपील करता है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। घायल बंदरों का तत्काल उपचार कराया जाए तथा हाईटेंशन विद्युत लाइनों की तकनीकी जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। वन्यजीवों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनहित में सुझाव हाईटेंशन लाइनों के आसपास किसी भी दुर्घटना की सूचना तुरंत बिजली विभाग और वन विभाग को दें। घायल वन्यजीवों को स्वयं छूने का प्रयास न करें, विशेषज्ञों को सूचना दें। वन क्षेत्रों और गांवों के पास विद्युत लाइनों का नियमित निरीक्षण कराया जाए। बिजली विभाग संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपकरण एवं इंसुलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करे। वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जाए।


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