Madhya Pradesh News : शुभारम्भ हुआ राजराजेश्वरी दाई गोंड़वाना किला का भूमि पूजन
पेन ठाना का किया जीर्णोधार
ब्यूरो चीफ इन्द्रमेन मार्को मंडला मध्यप्रदेश
मंडला। राजराजेश्वरी दाई गोंडवाना किला गढ़ा मंडला में बड़ा देव पेंनठाना में सेवा गोंगो पूजन किया गया, भूमका संघ के प्रदेशअध्यक्ष तिरुमाल जालम सिंह उईके एवं महाराष्ट्र कचारगढ़ से पधारे तिरू डाक्टर तीरथ सिंह सैयाम, आदिवासी महापंचायत गढ़ा मंडला के कार्यकारीअध्यक्ष तिरु धर्मेश उईके समस्त सगा समाज मातृशक्ति पितृ शक्ति पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम संपादित किया गया। साथ ही सामाजिक मुद्दों को लेकर विचार विमर्श किया गया। गोंडवाना किला गढ़ा मंडला में इसके पूर्व से ही पेन ठाना स्थापित था। परंतु खुला चबूतरा में स्थापित था,जिसके कारण आसपास साफ सफाई नहीं हो पाती थी | अब समाज के सहयोग से भव्य रूप में जीर्णोद्धार करके शेड का निर्माण किया गया है। एक अलग पहचान और आस्था का केंद्र के रूप में समाज को समर्पित किया गया ।इसके लिए सभी समाज के सगा जनों द्वारा तन मन धन से सहयोग किया गया। सगा समाज संपूर्ण आदिवासी समाज सरकार और जिला प्रशासन की अनदेखी से नाराज़ भी दिखाई दिया। गोंडवाना किला के चारों तरफ लगातार अतिक्रमण हो रहा है नशाखोरों के द्वारा शराब की बोतलों को फेंका जा रहा है | गंदगी फैलाई जा रही है,कच्ची झोपड़ी और कच्चे मकान के साथ-साथ पक्के मकान का निर्माण किला परिसर की जमीन पर कर लिया गया है

जिला प्रशासन नगर पालिका परिषद मंडला इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है यह दुख की बात है समाज के द्वारा वर्तमान सरकार और जिला प्रशासन नगर पालिका से अपील करता है कि किला के संपूर्ण जमीन से अतिक्रमण हटाए अतिक्रमण मुक्त करे और पक्का फेंसिंग करके एक गोंडवाना तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करे ताकि समाज के और अन्य सभी पर्यटक गोंडवाना के इतिहास से परिचित हो सके यह धरती गोंडवाना साम्राज्य का जीता जागता उदाहरण है देश के लिए अंग्रेजों से लोहा लेते हुए महाराजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह तोप के सामने बलिदान हुए। आज भी जिला प्रशासन 18 सितंबर को राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह जी के बलिदान दिवस पर इस वीर भूमि में उनकी याद में कार्यक्रम आयोजित करता है | उनको श्रद्धांजलि देता है, सलामी देता है, पश्चात आज भी यह महापुरुषों की धरती उपेक्षा का शिकार है। गोंगो पूजन के बाद समाज के साथ नामनगर चौगान गांव जाकर के सामाजिक 18 एकड़ की जमीन में बहुत बड़ा शिक्षा का केंद्र और बड़ा देव पेनठाना निर्माण व आदिवासी पारंपरिक प्राकृतिक खेती से उत्पादित वन औषधि मोटा अनाज मिलेट्स का एक औद्योगिक यूनिट के रूप में भविष्य में स्थापित करने का निर्णय लिया गया | जिसमें काम जारी है कार्यक्रम में सभी समाज प्रमुख सामाजिक संगठन के अलग-अलग वक्ताओं ने उद्बोधन दिया और समाज को एकजुट करने का संकल्प लिया गया।


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