Chhattisgarh News : मानवता की मिसाल: कोरबा से पटना जा रही बस में गूंजी किलकारी, यात्रियों ने चंदा जुटाकर की मदद
रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा से पटना जा रही एक चलती यात्री बस में मानवता और संवेदनशीलता की एक बेहद खूबसूरत मिसाल देखने को मिली है। सफर के दौरान एक आठ माह की गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिसके बाद बस के स्टाफ और सह-यात्रियों की सूझबूझ से बस के भीतर ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। सूझबूझ से कराया सुरक्षित प्रसव
बताया जा रहा है कि ‘राजहंस’ नामक बस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी। हालात की गंभीरता को देखते हुए बस में सवार दीपका निवासी राहुल प्रसाद की बहन रेखा कुमारी और बुआ सुमंती देवी ने तत्परता दिखाई। उन्होंने महिला के पति की सहमति से तुरंत बस को रुकवाया। इसके बाद अन्य यात्रियों को कुछ देर के लिए बस से नीचे उतारा गया। रेखा कुमारी और सुमंती देवी ने अपनी हिम्मत और समझदारी का परिचय देते हुए बस के अंदर ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया, जहां महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।

यात्रियों ने पेश की मानवता की मिसाल प्रसव के ठीक बाद बस में मौजूद यात्रियों ने एक और सराहनीय कदम उठाया। आर्थिक रूप से कमजोर इस दंपती की मदद के लिए सभी सह-यात्रियों ने स्वेच्छा से आपस में चंदा एकत्र किया। यह आर्थिक सहायता इसलिए जुटाई गई ताकि नवजात शिशु की शुरुआती और जरूरी आवश्यकताओं को बिना किसी परेशानी के पूरा किया जा सके।
स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया भर्ती मामले की गंभीरता को देखते हुए बस चालक बिन्नू सिंह और परिचालक मनोज सिंह ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। उन्होंने बिना समय गंवाए बस को तुरंत प्रतापपुर की ओर रवाना कर दिया। प्रतापपुर पहुंचते ही जच्चा-बच्चा दोनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद मां और नवजात शिशु दोनों को पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ घोषित किया है। चलती बस में आई इस अचानक आपात स्थिति में दीपका की महिलाओं की हिम्मत, बस स्टाफ की तत्परता और सह-यात्रियों की संवेदनशीलता ने एक अनजान परिवार के लिए मददगार बनकर समाज के सामने एक यादगार उदाहरण पेश किया है।




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