Uttar Pradesh News सीमांकन के पत्थर तोड़ जमीन पर कब्जे का आरोप
फोटो परिचय- डीएम से गुहार लगाने के लिए खड़े पीड़ित।

रिपोर्टर मनीष फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
सदर तहसील क्षेत्र के नरपतपुर गांव में जमीन विवाद का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है। न्यायालय के आदेश पर राजस्व विभाग द्वारा कराए गए सीमांकन के बाद लगाए गए सीमा चिन्ह (पत्थर) तोड़कर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए एक महिला ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि गांव के दबंगों ने न सिर्फ राजस्व विभाग द्वारा लगाए गए पत्थर उखाड़कर तोड़ दिए, बल्कि विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार दहशत और बेबसी में जीवन जीने को मजबूर है।

नरपतपुर गांव निवासी संगीता देवी पत्नी राजेश कुमार ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी गाटा संख्या-180 की भूमि को लेकर न्यायालय में वाद विचाराधीन था। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में वर्ष 2021 में राजस्व निरीक्षक की देखरेख तथा पुलिस बल की मौजूदगी में भूमि का विधिवत सीमांकन कराया गया था। सीमांकन के बाद जमीन की पहचान सुनिश्चित करने के लिए राजस्व टीम ने सीमा चिन्ह के रूप में पत्थर भी गाड़े थे। पीड़िता का आरोप है कि कुछ समय बाद गांव के ही रामदयाल, पंकज और जुग्गीलाल ने उन सीमा चिन्हों को जबरन उखाड़कर तोड़ दिया और विवादित भूमि पर कब्जा कर लिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने अभद्रता करते हुए दोबारा जमीन के पास आने पर जान से मारने की धमकी दी। वह पिछले दो-तीन वर्षों से तहसील और जिला प्रशासन के अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं लेकिन आज तक न तो दोबारा सीमांकन कराया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई हुई। पीड़िता ने मांग किया कि राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और पुलिस बल की संयुक्त टीम गठित कर दोबारा सीमांकन कराया जाए, जमीन पर सीमा चिन्ह पुनः स्थापित किए जाएं तथा सीमा चिन्ह तोड़ने, कब्जा करने और धमकी देने के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।




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