Madhy Pradesh News जल गंगा अभियान की अनदेखी: मजीरिया में मौत का खुला कुआं, सरपंच का वादा हवाहवाई”
"CM मोहन यादव के जल गंगा अभियान को पंचायत का ठेंगा: रामपुरा में खुला पड़ा क्षतिग्रस्त कुआं"

रिपोर्टर महमूद हुसैन रंगरेज़ नीमच मध्य प्रदेश
“स्वच्छ भारत 2.0 फेल: मजीरिया के काँची मोहल्ले में हादसे को दावत देता सरकारी कुआं”*
/रामपुरा: केंद्र सरकार की जल गंगा संवर्धन योजना और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से प्रदेश भर में नदी-तालाब-कुएं-बावड़ी का संरक्षण किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत हजारों जल स्रोतों का पुनर्जीवन कर जनभागीदारी से ग्राम पंचायत से नगर निगम तक सफाई-निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। लेकिन रामपुरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत मजीरिया में जल गंगा अभियान की सरेआम अनदेखी हो रही है।

गांव के मुख्य चौराहे पर, वार्ड नं-10 काँची मोहल्ला जाने वाले रास्ते के सामने स्थित सरकारी कुआं मौत को दावत दे रहा है। कुएं की मुंडेर पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और इसका लेवल रोड के बराबर होने से ये पूरी तरह खुला पड़ा इस रास्ते से दिनभर बच्चे, बुजुर्ग और पशुओं की आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले भी दो बकरी के बच्चे इस कुएं में गिर चुके हैं, जिन्हें ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

सरपंच का वादा हवाहवाई: सरपंच देवी लाल जी ने 15 दिन में कुएं की मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन बीतने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ। जल गंगा अभियान के तहत जहां प्रदेश भर में जल स्रोत पुनर्जीवित हो रहे हैं, वहीं मजीरिया में सरकारी कुआं बदहाल है। क्या है जल गंगा अभियान:* इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नदी, तालाब, कुएं, बावड़ी जैसे जल-स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन करना है। इसमें गंदे नालों का शोधन, हरित क्षेत्र बनाना और जनभागीदारी से श्रमदान शामिल है। अगर समय रहते कुएं की मुंडेर नहीं बनी तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पंचायत की होगी”CM के जल गंगा अभियान को ठेंगा, मजीरिया में खुला मौत का कुआं”_ “जल गंगा अभियान में हजारों जल स्रोत पुनर्जीवित हो रहे हैं, लेकिन मजीरिया का कुआं अनदेखी का शिकार।



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