Madhya Pradesh News राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान दें – कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे
सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, अतिक्रमण एवं राजस्व वसूली के मामलों में तेजी लाने के निर्देश

ब्यूरो चीफ इंद्र मेन मार्को मंडला मध्यप्रदेश
21 जून तक शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करने के लिए एसडीएम को दिए निर्देश मंडला । कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने गुरुवार को जिला योजना भवन में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में जिले के राजस्व कार्यों, लंबित प्रकरणों, राजस्व वसूली, फार्मर रजिस्ट्री, सीएम हेल्पलाइन तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, भू-अभिलेख दुरुस्ती, अतिक्रमण संबंधी प्रकरण तथा राजस्व वसूली शासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इन कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री नामदेव ने कहा कि प्रत्येक राजस्व अधिकारी अपने क्षेत्र के लिए वसूली के स्पष्ट लक्ष्य एक सप्ताह में निर्धारित करें तथा उनके अनुरूप प्रभावी कार्रवाई करते हुए निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली की प्रगति नियमित रूप से मॉनिटर की जाएगी और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीरता से ली जाएगी।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त नामांतरण सहित अन्य प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि कोई भी मामला समय-सीमा से बाहर नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर लंबित तथा एक माह से तीन माह तक लंबित प्रकरणों की अलग-अलग समीक्षा कर उनका शीघ्र निराकरण किया जाए। साथ ही आगामी सात दिनों के भीतर राजस्व प्रकरणों के निष्पादन प्रतिशत में उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि सभी राजस्व प्रकरण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही प्राप्त किए जाएं तथा उनकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तकनीकी पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। बैठक में आधुनिक तकनीक आधारित सीमांकन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एसएलआर को निर्देश दिए कि मशीन द्वारा सीमांकन कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पटवारियों का आवश्यक प्रशिक्षण शीघ्र आयोजित किया जाए, ताकि सीमांकन संबंधी मामलों का अधिक सटीक एवं त्वरित निराकरण हो सके। फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री धोटे ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को अनुभागवार बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए 21 जून तक इसे शत-प्रतिशत पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पुराने भू-अभिलेखों के डिजिटाइजेशन कार्य की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि पुराने अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित करने से राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने इस कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिकता न बरती जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। ग्रीष्मकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों एवं मैदानी अमले द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बेहतर प्रबंधन किया गया है, हालांकि जिन क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याएं सामने आई हैं, उन्हें चिन्हित कर आगामी वर्ष के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचना एवं संसाधनों की व्यवस्था के लिए समय रहते प्रस्ताव तैयार किए जाएं। बैठक में विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक आयोजित किए जाने वाले विभिन्न शिविरों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री धोटे ने निर्देश दिए कि इन आयोजनों की जानकारी पूर्व से ही आमजन तक पहुंचाई जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों एवं कार्यक्रमों के माध्यम से हितग्राहीमूलक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार सिंह, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।




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