Uttar Pradesh News रामपुर की नई सियासत: रामपुर ज़िले में केन्द्र शासित लीज, पट्टे,की राजनीति का खात्मा,जमीनी कार्यकर्ताओं का सम्मान

रिपोर्टर रफ़ी उल्लाह खान रामपुर उत्तर प्रदे
रामपुर की सियासत में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन कुछ लोग शायद अभी भी जमीनी हकीकत को तस्लीम करने से कतरा रहे हैं। आज जब आसिम राजा कैमरे के सामने बैठकर बड़ी-बड़ी बातें करता हैं, तो वे शायद भूल जाता हैं कि रामपुर जिला मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। यहाँ मुस्लिमों में आबादी के लिहाज से ।राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव जी ने रामपुर के इसी समीकरण (सोशल इंजीनियरिंग) को बखूबी समझा। उन्होंने दूरदर्शिता का सबूत देते हुए मौलाना मुहीबुल्ला नदवी साहब को टिकट दिया, जो वक्त का सबसे सही फैसला साबित हुआ।अल्लाह मरहूम शफीकुरहमान साहब की मगफिरत फरमाए उन्होंने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष जी सें कहा था कि मौलाना मुहीबुल्ला नदवीसें पार्टी को रामपुर मे मज़बूती मिलेगी क्योंकि वोह बेदाग शख्सयत के मालिक है,लेकिन अफसोस की बात यह है कि आपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के फैसले की मुखालफत की और अंदरूनी तौर पर बसपा के चुनाव को हवा दी। ऐसे पार्टी के सफेदपोश गद्दारों के विरुद्ध पार्टी के शीर्ष नृेतत्व को दंडात्मक कार्यवाही कर बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए ताकि यह कार्यवाही दूसरे लोगो के लिए नज़ीर बने आज सफेद टोपी, सफेद लिबास और सफेद दाढ़ी लगाकर कैमरे के सामने बैठकर जिस तरह का ‘सफेद झूठ’ बोला जा रहा है, उसे देखकर रामपुर की आवाम हैरान है। ऐसे बयानों पर कुछ तो शर्म आनी चाहिए। रामपुर की अवाम ने हमेशा मरहूम मुलायम सिंह यादव जी और अखिलेश यादव जी के नाम पर समाजवादी पार्टी को अपना बेशकीमती वोट दिया है। इस लोकसभा चुनाव की शानदार जीत ने साफ कर दिया है कि जनता पूरी मजबूती के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के फैसलों के साथ खड़ी है।अब यह ‘नई समाजवादी पार्टी’ है। रामपुर को अब लीज और पट्टे की पुरानी ब्लैकमेलिंग वाली राजनीति से हमेशा के लिए आजाद करा दिया गया है। अब यहाँ किसी एक का एकाधिकार नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर दिन-रात खून-पसीना बहाने वाले छोटे से छोटे कार्यकर्ता का पूरा सम्मान और वकार (इज्जत) है।जो लोग कल तक खुद को रामपुर का भाग्यविधाता समझते थे, उनकी आज की हैसियत पर मिर्जा गालिब का यह शेर बिल्कुल सटीक बैठता है :”बना है शाह का मुसाहिब, फिरे है इतराता वरना शहर में ‘”आसिम” तेरी ‘ तेरी आबरू क्या है!” रामपुर की अवाम ने अहंकार की राजनीति को नकार कर यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में जनता ही असली ‘शाह’ होती है।
रामपुर ज़िले की सभी विधानसभा सीटों का फैसला रामपुर ज़िले की गय्यूर आवाम करेगी ना कि कोई माज़ी का ज़िल्लेइलाही,सज़ायाफ्ता, या अपराधी, यह जनता है सब जानती है,
अथर अली खां
पूर्व सभासद नगर पालिका
परिषद बिलासपुर रामपुर up




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