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Madhya Pradesh *जनगणना कार्य में धीमी प्रगति पर कलेक्टर सख्त, 20 मई तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश*

 ब्यूरो चीफ नीरज वीरम शिवपुरी मध्य प्रदेश

लापरवाही बरतने वाले प्रगणकों और अधिकारियों पर गिरेगी गाज, जिला प्रशासन ने दिए सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत
एसडीएम को रोजाना समीक्षा बैठक करने और चार्ज अधिकारियों को सुबह 9 बजे फील्ड में उतरने की जिम्मेदारी सौंपी
शिवपुरी,
राष्ट्रीय महत्व के सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में शुमार जनगणना-2027 के ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ (HLO) की कछुआ चाल पर जिला प्रशासन ने अब पूरी तरह से कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिले में चल रहे जनगणना कार्य की अत्यंत धीमी प्रगति और मैदानी स्तर पर सामने आ रही गंभीर लापरवाही को लेकर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अर्पित वर्मा ने भारी नाराजगी व्यक्त की है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्थिति की समीक्षा करते हुए जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) और चार्ज अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं कि वे युद्धस्तर पर काम करते हुए आगामी 20 मई तक जिले में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
निरीक्षण में खुली पोल, ऐप और मानचित्रण कार्य में मिली गंभीर लापरवाही

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मैदानी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही थी। फील्ड में तैनात प्रगणकों (Enumerators) द्वारा भवनों की नंबरिंग करने, क्षेत्र का मानचित्र तैयार करने (मैपिंग) और सबसे महत्वपूर्ण ‘एचएलओ ऐप’ (HLO App) पर डेटा एंट्री करने के काम में भारी लापरवाही और शिथिलता पाई गई। कई क्षेत्रों में प्रगणक समय पर फील्ड में ही नहीं मिल रहे थे, जिससे जनगणना जैसे संवेदनशील और समयबद्ध कार्य की गति बेहद धीमी हो गई। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने साफ कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी स्तर पर न तो गुणवत्ता से कोई समझौता किया जाएगा और न ही कार्य में ढिलाई बर्दाश्त की जाएगी।

लापरवाही पर होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि जनगणना देश के भविष्य की योजनाओं का आधार होती है। यदि किसी भी चार्ज अधिकारी, पर्यवेक्षक या प्रगणक के स्तर पर कार्य में लापरवाही या उदासीनता पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कड़ी अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण डेटा का संकलन ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों के लिए जारी हुआ ‘एक्शन प्लान’
कार्य को गति देने और निर्धारित समय-सीमा (20 मई) के भीतर लक्ष्य हासिल करने के लिए कलेक्टर ने एक विस्तृत कार्ययोजना (एक्शन प्लान) जारी करते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय की है:
एसडीएम करेंगे दैनिक समीक्षा: जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अनुभाग (सब-डिवीजन) के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों की प्रतिदिन समीक्षा बैठक लेंगे और प्रगति की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजेंगे।
सुबह 9 बजे फील्ड पर उपस्थिति अनिवार्य: सभी चार्ज अधिकारियों की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वे प्रतिदिन सुबह ठीक 9 बजे फील्ड में पहुंचकर सभी प्रगणकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।
औचक निरीक्षण और मैदानी मॉनिटरिंग: अधिकारियों को केवल दफ्तरों में न बैठकर लगातार क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि मौके पर जाकर भवन नंबरिंग और ऐप पर हो रही डेटा प्रविष्टि की सत्यता को परखा जा सके।
अगले कुछ दिनों तक प्रशासन रहेगा हाई अलर्ट पर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 20 मई की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए अगले कुछ दिनों तक पूरे जिले में फील्ड मॉनिटरिंग को कई गुना बढ़ा दिया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों की टीमें अचानक गांवों और शहरी वार्डों का दौरा करेंगी। प्रशासन ने सभी प्रगणकों और मैदानी अमले को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि वे अपने निर्धारित समय पर फील्ड में पहुंचें, नियमों के अनुसार भवनों पर नंबर डालें और तय समय के भीतर ‘हाउस लिस्टिंग’ के इस महाअभियान को पूरी शुद्धता के साथ संपन्न कराएं।

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