Chhattisgarh अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं नायब तहसीलदार अकलतरा को ज्ञापन दिया गया।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया है जो ज्ञापन दिया गया है वह निम्न अनुसार है।

शालिनी राकेश न्यूज़ एजेंसी जांजगीर चांपा।
सर्वप्रथम अनुविभागीय अधिकारी को नरियारा नगर पंचायत में अकलतरा से नरियारा होते हुए मूलमुला जाने वाली मार्ग में नो एंट्री पूर्णता लगाने के संबंध में ज्ञापन दिया गया है ज्ञापन में लिखा गया है कि प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक किसी भी प्रकार की भारी वाहन को प्रवेश नहीं करने का अनुमति दिया जाए और यह भी कहा गया है ज्ञापन में नरियारा के अंदर दो ईंट भट्ठे हैं उन ईट भट्टों को राखड़ का सप्लाई होता है।
जिसका परिवहन होता है तो दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है जिसके चलते पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का भारी वाहन का आवागमन को रोकने के संबंध में रात्रि 10:00 बजे से 6:00 तक भारी वाहन को अनुमति दिया जाए बाकी समय में भारी वाहन प्रवेश निषेध की आदेश करने के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन दिया गया है।
वहीं दूसरी तरफ नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया है ज्ञापन में उल्लेखित किया गया है कि जनसंपर्क अधिकारी नूतन सिद्धार्थ के द्वारा पत्रकार बुलंद छत्तीसगढ़ के विरुद्ध में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए एवं मुख्यमंत्री के द्वारा संबंधित जनसंपर्क अधिकारी को हटाने के संबंध में ज्ञापन पूर्व में प्रेषित किया गया है प्रेषित पत्र है जिसको दिया गया है 4 अक्टूबर को दिया गया है एवं 24 नवंबर को जिसका पालन प्रतिवेदन आवेदक राकेश कुमार साहू को अभी तक के तहसीलदार के माध्यम से जो ज्ञापन प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के नाम या जो कोई भी जनप्रतिनिधि के नाम ज्ञापन दिया जाता है उसे ज्ञापन का पालन प्रतिवेदन की गई कार्यवाही से आवेदक को उपलब्ध नहीं कराई जाने के संबंध में संबंधित अधिकारी को ज्ञापन दिया गया है कि हमने पूर्व में जनसंपर्क अधिकारी की मनमानी कार्यवाही जयपुर के जिला संवाद कार्यालय के संवाद अधिकारी के विरुद्ध ज्ञापन मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम नायब तहसीलदार के माध्यम से भेजा जा चुका है जिस पर कार्यवाही की समीक्षा रिपोर्ट आज तारीख तक आवेदक को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
इस तरह से सुशासन की धज्जियां उड़ाने में अधिकारी भी अपनी मनमानी कार्यवाही करते हैं जिसकी वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है अधिकारी करता है ऐसो आराम करते हुए रहते हैं और कार्यालय से अधिकारी कर्मचारी भी नदारत रहते हैं।
इस तरह से ज्ञापन दिया गया है अब देखना यह होगा कि ज्ञापन पर कार्यवाही करते हैं कि नहीं।
सुशासन की राज में अधिकारी कर्मचारी मनमानी ढंग से कार्यालय में आना-जाना करते हैं एवं मनमानी ढंग से कार्यालय का काम निपटाते हैं



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