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बस्तर की पावन धरती पर आयोजित “बस्तर पंडुम 2026” का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन न केवल बस्तर बल्कि सम्पूर्ण देश के लिए गौरव का विषय बन गया। इस महोत्सव के माध्यम से बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोककला, परंपराएँ एवं जीवनशैली का राष्ट्रीय मंच पर सशक्त और प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ।

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन को गरिमा प्रदान करने हेतु राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर आगमन बस्तरवासियों के लिए अविस्मरणीय क्षण रहा। राष्ट्रपति द्वारा जनजातीय कला, शिल्प एवं लोकजीवन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर कलाकारों से संवाद किया गया, जिससे स्थानीय कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समापन समारोह में सहभागिता करते हुए बस्तर की जनजातीय विरासत की मुक्त कंठ से सराहना की तथा विजेता कलाकारों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “बस्तर भारत की सांस्कृतिक धरोहर का आभूषण है।” उनके प्रेरणादायी शब्दों से कलाकारों में नई ऊर्जा का संचार हुआ।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बस्तर पंडुम को लेकर दिए गए संदेश ने इस आयोजन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बस्तर पंडुम को जनजातीय विरासत के संरक्षण एवं स्थानीय समुदायों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने आगे कहा कि राज्यपाल रमेन डेका तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और नेतृत्व में यह आयोजन अभूतपूर्व रूप से सफल रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर पंडुम को बस्तर की पहचान और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव बताया। सांसद महेश कश्यप ने बस्तर पंडुम से जुड़े समस्त कलाकारों, देश के विभिन्न राज्यों से आए सांस्कृतिक दलों, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संगठनों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से यह आयोजन ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय बन पाया।

Bastar Chhattisgarh News @ Reporter Sumit Bajpai

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