अर्जुन राम मेघवाल जी ने भले ही पहले समाज के मुद्दों पर खुलकर आवाज़ न उठाई हो,
अर्जुन राम मेघवाल जी ने भले ही पहले समाज के मुद्दों पर खुलकर आवाज़ न उठाई हो,
अब कॉलेज व यूनिवर्सिटी में एक नया कानून बनाया गया जिसमें जातिगत भेदभाव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी,,,
एससी एसटी एक्ट में अब ओबीसी को भी शामिल कर दिया,, यानी Sc,st,OBC एक्ट बन गया,,,
यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव व हीन भावना से देखने वालों पर कड़ी कार्रवाई,,,
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज,,
शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा,
शिकायत करते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा
पहले गिरफ्तारी की जाएगी फिर जांच शुरू होगी
हर यूनिवर्सिटी में एक कमेटी गठित
जो सर्वण सामान्य वर्ग पर नजर रखेगी
ब्राह्मण राजपूत बनिया और वैश्य इस कानून का विरोध कर रहे हैं आज 19 राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया गया कई जगह अभी भी जारी है,,
आंदोलनकारीयो का कहना है
कि लोग झूठा फसा देंगे हम खुद को निर्दोष साबित नहीं कर पाएंगे,,
वर्षों तक जेल में रहेंगे कॉलेज प्रशासन व कमेटी की निगरानी से डर रहेगा,,
यानी यह सर्वणों को बर्बाद करने के लिए कानून लाया है
इन वर्गों के कई नेताओं ने भाजपा से इस्तीफा दिया है
28 जनवरी को देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
सवाल उठे तब केन्द्रीय तीन मंत्रियों के एक जैसे जवाब
पत्रकार का सवाल,, आपने दूसरे पक्ष को निर्दोष साबित करने के लिए कोई भी विकल्प क्यों नहीं दिया क्या उनके साथ आप गलत नहीं कर रहे हो
मंत्री जी का जवाब,,,मोदी जी के नेतृत्व में सभी कानून सही बनते हैं कोई गलत काम नहीं होता,,
पत्रकार ,,,क्या इसमें निर्दोष फसेंगे नहीं
मंत्री जी ,,,निर्दोष कोई किसी को नहीं फंसाते अपराधियों की जगह जेल है और अब पहुंचा जाएगा ,,,
पत्रकार,,,,अब उन लोगों पर हमेशा नजर रखी जाएगी उससे वो खुद को असुरक्षित महसूस नहीं करेंगे
मंत्री जी,,, इसीलिए कानून बनाया है ताकि किसी के मन में उस निस इसका सवाल ही पैदा नहीं हो ऐसी मन में भावना ही नहीं आए,,,,
पत्रकार,, कांग्रेस के जमाने में कानून था कि झूठा आरोप लगाने वाले पर भी कार्रवाई होगी आपने तो वो भी हटा दिया
मंत्री जी इसलिए हटाया क्योंकि लोग डरते थे कि उनको झूठा साबित कर देंगे इसलिए मामला ही दर्ज नहीं करवाते थे
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