
पटना। बिहार सरकार ने अपराध के जरिए अर्जित संपत्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राज्यभर में अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों से ऐसे 1300 कुख्यात अपराधियों की पहचान की गई है, जिनके खिलाफ जब्ती की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
इनमें सबसे अधिक 82 प्रस्ताव पटना पुलिस ने भेजे हैं। इसके अलावा गया से 55, रोहतास से 49, मोतिहारी से 48, मुजफ्फरपुर व भागलपुर से 43-43, मधुबनी से 42, नालंदा से 41, दरभंगा से 39, समस्तीपुर से 35, सारण से 36, वैशाली से 33, पूर्णिया से 32, सिवान से 27 और बक्सर से 24 अपराधियों की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
किशनगंज व नवादा में संपत्ति जब्ती के आदेश
अब तक 279 मामलों में जब्ती के लिए कोर्ट में प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इनमें से किशनगंज और नवादा के कुछ मामलों में कोर्ट ने जब्ती के आदेश भी दे दिए हैं। किशनगंज जिले के जिन तीन कुख्यात अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं, उनमें ठाकुरगंज थाना के रहीमुद्दीन उर्फ हैबर, विशनपुर थाना के चांद हुसैन उर्फ चांद और सदर थाना क्षेत्र के मो. कुर्बान शामिल हैं।
वहीं नवादा जिले के नरहट थाना के चर्चित बालू माफिया अजय कुमार उर्फ दीपम उर्फ दीपक की संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
अन्य जिलों में भी कार्रवाई
इसके अतिरिक्त पटना और जहानाबाद से एक-एक तथा गया और मुजफ्फरपुर से दो-दो अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त करने का आदेश कोर्ट द्वारा जारी कर दिया गया है। इन मामलों में भी प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
पुलिस मुख्यालय का बयान
एडीजी कुंदन कृष्णन ने बताया कि “राज्य में ऐसे अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कोर्ट में पूरी संपत्ति का विवरण पेश किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश प्राप्त होते ही अवैध संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जा रही है। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।”



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