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Maharashtra News ‘बांगड़े की आत्मकथा’ पुस्तक प्रकाशन

प्रेरणादायी है कठिन यात्रा - हरिभाऊ पाथोडे

रिपोर्टर वहाब अली सैयद चंद्रपुर महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के सिंदेवही की रसायन विज्ञान की प्रोफ़ेसर माधुरी बांगड़े ने अपने दिवंगत पिता नीलकंठ राव बांगड़े की पांडुलिपियों को संकलित कर उनकी जीवन यात्रा को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया. इस अवसर पर एक सामाजिक सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एड गोविंद भेंडारकर ने की.मुख्य अतिथि अखिल भारतीय अंधविश्वास उन्मूलन समिति के राज्य संयोजक हरिभाऊ पाथोड़े, पूर्व प्राचार्य मिलिंद राहुद, प्रो जगदीश बांगड़े रहे. इस बार नीलकंठराव बांगड़े की सहयोगी प्रभावती बांगड़े हैं उन्हें अमृत जयंती वर्ष में पदार्पण के लिए सम्मानित किया गया। नीलकण्ठराव बांगड़े की जीवन यात्रा कठिन और प्रेरक है।हरिभाऊ पाथोडे ने अपने जीवन में संकट का सामना कर शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अनुकरणीय बताते हुए यह राय व्यक्त की। प्रो. माधुरी बांगड़े ने कार्यक्रम का समन्वयन किया। डॉ. मधुकर अटकरी डॉ. सावी अटकरी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए कड़ी मेहनत की।

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