उत्तरप्रदेशब्रेकिंग न्यूज़

Uttar Pradesh News पीएचडी प्रवेश परीक्षा में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के विषयों की अनदेखी, भड़के छात्रों ने कुलपति पर लगाया संस्कृति विरोधी होने का आरोप.

रिपोर्टर विवेक सिन्हा वाराणसी उत्तर प्रदेश

वाराणसी 12 अगस्त 2023.. काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत की अनदेखी का आरोप लगाते हुए छात्रों ने प्रदर्शन किया। परीक्षा नियंत्रक के ऑफिस में संस्कृत के पीएचडी परीक्षा NTA द्वारा करवाए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने जमकर नारेबाजी किया। परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में घंटो छात्र धरने पर बैठ नारेबाजी किया। छात्रों ने अपनी मांग को लेकर कहा कि संस्कृत को भी NTA के द्वारा करवाए जा रहे परीक्षा में शामिल किया जाए या फिर विश्विद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अपना इस्तीफ़ा दे दे। छात्रों ने चेतावनी दिया कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की जाती है, तो अगामी सोमवार की दोपहर के पश्चात छात्र बड़ा आंदोलन करेंगे प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय BHU का महत्वपूर्ण भाग है। इसकी स्थापना महामना ने भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म एवं ज्ञान परम्परा के अध्ययन एवं अनुशीलन हेतु की थी। इसके अंतर्गत आठ विभागों में 200 से अधिक शोधार्थी शोध कर रहे हैं। ऐसे में विगत दिनों विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की प्रवेश परीक्षा NTA द्वारा कराने का निर्णय लिया गया। इस सन्दर्भ में NTA द्वारा निर्गत अधिसूचना में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय से सम्बन्धित विषयों को सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि संस्कृत के पारम्परिक विषयों की NET परीक्षा सम्मिलित रूप से होती है। जिससे प्राप्त अभ्यर्थी सीटो के अनुपात में काफी कम संख्या में होते हैं। अतः इन विषयों में विशेषज्ञता के आधार पर बृहद संख्या RET के माध्यम से पंजीकृत होती है। विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया वर्तमान निर्णय संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों को RET द्वारा पीएचडी में पंजीकृत होने से विरत करता है।छात्रों का आरोप है कि यह निर्णय हजारों छात्रों के भविष्य को अंधकार में कर रहा है। अतः विश्वविद्यालय से अनुरोध है, कि इस विषय का संज्ञान लेकर तत्काल इसे NTA और RET में सम्मिलित कराएं या तो विश्वविद्यालय स्तर पर संकाय के लिए अलग RET की परीक्षा कराने का निर्णय लिया.

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button