Madhya Pradesh News पेंशन पाने के लिए पिछले 6 वर्षों से भटक रहे विधवा महिला मामला एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र मिनी रत्न महारत्न का दर्जा प्राप्त कंपनी का यह हाल

रिपोर्टर सूर्यकांत मिश्रा अनूपपुर मध्य प्रदेश
अनूपपुर जिला न्यूज़ जमुना कोतमा कोल इंडिया सहायक एसईसीएल मिनी रत्न महारत्न का दर्जा प्राप्त है जहां एक और कोयला उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने पर माननीय सीएमडी महोदय क़ो पुरस्कृत किया गया एसईसीएल का नाम कोल इंडिया में रोशन हो रहा है कोयला ऊर्जा का प्रमुख सोत्र है और कोयला देश के विकास में मेरुदंड की भूमिका निभाता है लेकिन इस कोयले की प्रकृति के विरोध मे धरती का सीना चीर कर कोयला निकालकर लाने वाले श्रमवीर व उनके परिजनों का क्या स्थिति है व जमीनी हकीकत आपको बताते हैं जमुना कोतमा क्षेत्र में कार्यरत कालरी कर्मचारी श्रमिक स्वर्गीय विजय सिंह जिसकी दिनांक 20 फरवरी 2017 को मृत्यु हो जाती है तब से लेकर आज दिनांक तक उनकी विधवा पत्नी स्वाना देवी विधवा पेंशन पाने के लिए जमुना कोतमा क्षेत्र महाप्रबंधक कार्यालय इस ऑफिस से उस ऑफिस का चक्कर लगाकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं लेकिन वह रे कोल इंडिया की अधिकारी जोकि बिना लेनदेन की शायद कोई कोई काम नहीं करते होंगे जबकि सरकार इन्हें इन कामों की लाखों रुपए प्रतिमाह भुगतान करती है लेकिन नजराना ना मिलने के कारण पिछले 6 वर्षों से विधवा स्वाना देवी पेंशन के लिए भटक रही है 
यहां तक की सीएम पी एफ ऑफिस से कई बार महाप्रबंधक कार्यालय को पत्राचार किया गया के उक्त डॉक्यूमेंटस कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए पिछले 6 वर्षों मे जमुना क्षेत्र संबंधित अधिकारी बाबू पेपर उपलब्ध करने में असमर्थ रहे जिसके कारण विधवा दर-दर की ठोकरें खा रही है उसका परिवार भूखो मरने के कगार पर है यहां पर वही कहावत चरितार्थ होती है के दिया तले अंधेला दूसरे को रोशन करने वाले कालरी श्रमिक के परिजन किस तरह से परेशान हैं वा अंधेरे नुमा जिंदगी मे रहने के कगार में है मजबूर है लेकिन उसका सुनने वाला नहीं जबकि उक्त महिला के पेंशन के भुगतान के संबंध में भारतीय मजदूर संघ विजय सिंह वाह रोशन उपाध्याय अध्यक्ष महामंत्री ने नवागत महाप्रबंधक हरजीत सिंह मदान को पत्र भी लिखा है कि उक्त महिला का विधवा पेंशन चालू किया जाए सीएम पीएफ द्वारा पत्र भेजा गया पत्र सलग्न है लेकिन आज दिनांक तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं किया गया इससे इस बात की अंदाजा लगाया जा सकता है की पूरे देश को रोशन करने वाला कॉलरी कर्मचारी जो कि कोयला निकलता है और जब उसकी मृत्यु हो जाती है तों उसके परिजनों को इस तरह भटकना पड़ता है उदाहरण उक्त विधवा महिला अपनी व्यथा सुनाते हुए क्षेत्र के लोकप्रिय महाप्रबंधक हरजीत सिंह मदान एसईसीएल बिलासपुर के सीएमडी महोदय विजिलेंस विभाग क़ोल मंत्रालय कोल इंडिया के सचिव से मांग किया है उसका पेंशन चालू किया जाए जिससे कि वाह अपने वा अपने बच्चे हुए परिवार का भरण पोषण कर सकें साथ में यूनियन के प्रतिनिधियों से मांग किया है की जिस तरह से लापरवाही पिछले 6 वर्षों से उक्त महिला का पेंशन का भुगतान नहीं किया गया है उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई किया जाए अन्यथा हमारा श्रम संगठन बृहद आंदोलन करने क़ो बाध्य होगा की समस्त जवाबदारी कालरी प्रबंधक की होगी



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