Uttar Pradesh News : दो दिवसीय बुन्देलखण्ड का मशहूर तीजा मेला में दुसरे दिन पशु बजार के मालिक एवं कमेटी द्वारा विशाल दंगल का आयोजन किया गया।

रिपोर्टर लोटन प्रसाद हमीरपुर उत्तर प्रदेश
भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर) : जिसमें दूरदराज राजिस्थान हरियाणा, पंजाब, नेपाल, बांदा चित्रकूट महोबा मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के पहलवानों ने अपना अपना दांव पेच से हजारों दर्शकों का मनमोह लिया। सबसे ज्यादा रोमांचक कुस्ती हनुमान गढ़ी अयोध्या के बाबा रविदास पहलवान, तथा राजिस्थान के लालु पहलवान के बीच रही लगभग दस मिनट उठापटक में हनुमान गढ़ी के बाबा रविदास पहलवान ने राजिस्थान के लालू पहलवान को हराकर अपने नाम विजय दर्ज कराई। दंगल का उद्घाटन इटरा आश्रम के बाबा वेदानन्द उर्फ बलराम तथा दंगल की रेफरी बुन्देलखण्ड केशरी बाबूलाल पहलवान, सूरजपाल सिंह तोमर ने किया। दंगल के आयोजन अमरसिंह,जयकरन सिंह, जितेन्द्र सिंह तोमर, रामबरन सिंह देवांश सिंह अंकित सिंह रानू,संतू सिंह,प्रदीप सिंह तोमर आदि। हमीरपुर के सुमेरपुर में लगने वाला प्रसिद्ध तीजा मेला बुंदेलखंड की समृद्ध परंपरा, आस्था और सामाजिक सौहार्द की पहचान बना हुआ है।
पहली बार इस बार बमरोधक दस्ता तैनात किया गया था। तथा हरचंदन जहां श्रीकृष्ण द्वारा नागनाथन का मंचन होता है वहां गोताखोर पी,एक,सी तैनात रही।बताया जाता है कि इस मेले की शुरुआत करीब 1850 के आसपास श्रीकृष्ण की झांकियों से हुई थी। समय के साथ यह परंपरा भव्य शोभायात्रा, नागनाथ लीला, कंस वध, रासलीला, बुंदेली लोक संस्कृति, दंगल और मनोरंजन के विभिन्न आयोजनों तक पहुंच गई। तीजा मेले की सबसे बड़ी खासियत यहां देखने को मिलने वाला आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर मेले में सहयोग करते हैं और शोभायात्रा का स्वागत करते हैं।मेले को लेकर प्रशासन भी सफाई, रोशनी, पेयजल, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम करता है।सुमेरपुर तीजा महोत्सव गाजे बाजे के साथ निकली तीजा महोत्सव की नयनाभिराम शोभायात्रा शोभायात्रा में शामिल हुई 35 झांकियां द्रोपदी चीरहरण की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र।

इसी के साथ तीन दिवसीय तीजा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी तीजा महोत्सव के नयनाभिराम शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे एवं श्रीकृष्ण लीला तीजा महोत्सव कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश दीक्षित बब्बू भैया ने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह की आरती उतार कर किया। शोभा यात्रा 3:00 बजे चांद थोक के श्रीकृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर नरही मार्ग, नेहा चौराहा, हाईवे में चढ़ कर बस स्टैंड पहुंची। बस स्टैंड से वापस थाना चौराहा होकर मैथिली शरण गुप्त मार्ग से गुजर कर कमलेश तिराहा होते हुए छोटी बाजार पहुंची। यहां से श्रीकृष्ण भगवान की झांकी को हरचंदन तालाब ले जाया गया। यहां पर नागनाथन लीला का मंचन हुआ। नागनाथन लीला के उपरांत छोटी बाजार में कंस वध के साथ शोभा यात्रा संपन्न हुई। शोभा यात्रा में 35 झांकियां शामिल की गई थी।

ज्यादातर झांकियां श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से ओतप्रोत थी।इसके अलावा राष्ट्र भक्ति, पर्यावरण संरक्षण की झांकियां को भी शामिल किया गया। शोभायात्रा में पूर्व विधायक युवराज सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह, रामदत्त पांडे, दीपा तिवारी, नवलदाऊ,कल्लू यादव, श्यामबाबू पांडे, सुरेश यादव,बदलू फौजी, सपा नेता रामप्रकाश प्रजापति, कुंजबिहारी पांडे, संजीव पांडे, रणवीर सिंह लाला, अभिषेक सिंह छोटू,अखिलेश साहू,बृजेश शर्मा, राघवेंद्र पांडे, परशुराम प्रजापति, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू,श्यामजी गुप्ता आदि हजारों लोग शामिल रहे। सुरक्षा का जिम्मा एएसपी अरविंद कुमार वर्मा, एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, सीओ सदर यशपाल सिंह, थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने संभाल रखा था।

दुसरे दिन नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य द्वारा रामलीला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आल्हा गायन का कार्यक्रम आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनों आल्हा गायकों ने भाग लिया। आयोजन कमेटी द्वारा आल्हा का व्याह, नैनागढ़ की लडाई पर गायन दिया गया। जिसमें दूरदराज से आए आल्हा गायकों में रामकिशोर,महावीर, उमाशंकर, चन्द्रभान सिंह, चरणसिंह, अनुरुद्ध सिंह अर्पित यादव सहित सभी ने अपने मधुर संगीत ऊंचे स्वर से उपस्थिति विशाल समूह का मनमोह लिया।




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