Madhya Pradesh News तीन पीढ़ियों से खेती कर रहे आदिवासी किसानों को बेदखल करने पहुंचा प्रशासन, ग्रामीणों के विरोध पर लौटी टीम

ब्यूरो चीफ इंद्र मेन मार्को मंडला मध्यप्रदेश
मंडला जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड मोहगांव की ग्राम बींझी में उस समय तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब राजस्व अमला और पुलिस प्रशासन की टीम किसानों को जमीन से बेदखल करने पहुंची। ग्रामीणों के भारी विरोध और एकजुटता के चलते प्रशासनिक अमला बिना कार्रवाई किए वापस लौट गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले तीन पीढ़ियों से उक्त भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। उनके अनुसार यह जमीन उनके पुरखों की विरासत है, जिस पर वर्षों से खेती कर परिवार का पालन-पोषण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अचानक इस भूमि को किसी अन्य व्यक्ति की बताकर उन्हें बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया। किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। ग्रामीणों का कहना था कि “यह जमीन हमारी मां के समान है, हमारे पूर्वजों की निशानी है। हम अपनी जान दे देंगे, लेकिन एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेंगे।”
जानकारी के अनुसार राजस्व अमला एवं पुलिस प्रशासन संबंधित पक्ष को जमीन का कब्जा दिलाने के उद्देश्य से गांव पहुंचा था, लेकिन सैकड़ों ग्रामीणों की एकजुटता और विरोध के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। ग्राम बींझी में देखने को मिली ग्रामीणों की एकता ने यह साबित कर दिया कि जब अधिकारों और आजीविका की बात आती है, तो पूरा गांव एकजुट होकर खड़ा हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर पुराने दस्तावेजों एवं वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी गरीब किसान का हक न मारा जाए। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें जिला प्रशासन और मंडला कलेक्टर के निर्णय पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट होना चाहिए कि वास्तविक हकदार कौन है तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता या भू-माफियाओं की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की ।




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